NCERT Solutions for Class 9 Maths Chapter 5 Exercise 5.2 Euclid’s Geometry In Hindi Medium
Euclid’s Geometry In Hindi Mediumव्यायाम 5.2
1. आप यूक्लिड की पाँचवीं अभिधारणा को कैसे फिर से लिखेंगे ताकि इसे समझना आसान हो जाए?
समाधान:
यूक्लिड की पाँचवीं अभिधारणा: यदि दो सीधी रेखाओं पर पड़ने वाली एक सीधी रेखा उसके एक ही तरफ के अंतः कोणों को मिलाकर दो समकोण से कम बनाती है, तो दो सीधी रेखाएँ, यदि अनिश्चित काल तक उत्पन्न होती हैं, तो उस तरफ मिलती हैं जिस पर योग का योग होता है कोण दो समकोण से कम होते हैं।
यानी यूक्लिड की पांचवीं अभिधारणा समानांतर रेखाओं के बारे में है।
समानांतर रेखाएँ वे रेखाएँ होती हैं जो एक दूसरे को कभी नहीं काटती हैं और हमेशा एक दूसरे से अलग लंबवत दूरी पर होती हैं। समानांतर रेखाएं दो या दो से अधिक रेखाएं हो सकती हैं।
A: यदि X रेखा A पर नहीं है तो हम X से होकर एक रेखा खींच सकते हैं जो रेखा A के समानांतर होगी।
B: बिंदु X से होकर केवल एक ही रेखा खींची जा सकती है जो रेखा A के समानांतर है।
2. क्या यूक्लिड की पांचवीं अभिधारणा समानांतर रेखाओं के अस्तित्व का संकेत देती है? समझाना।
समाधान:
हाँ, यूक्लिड की पाँचवीं अभिधारणा समानांतर रेखाओं के अस्तित्व का संकेत देती है।
यदि आंतरिक कोणों का योग समकोणों के योग के बराबर है, तो दोनों रेखाएँ किसी भी बिंदु पर एक-दूसरे से नहीं मिलेंगी, इसलिए वे एक-दूसरे के समानांतर हो जाती हैं।
∠1+∠3 = 180o
या 3+∠4 = 180o
.webp)
.webp)
0 Comments